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विश्वगुरु दीप आश्रम शोध संस्थान

अपरा काशी के नाम से विख्यात  विश्वपटल पर सौन्दर्य व ज्ञान की पहचान गुलाबी नगरी में विश्व विख्यात विद्वानों का उद्गम स्थल रहा है । भारतीय संस्कृति के रक्षणार्थ यहाँ निरन्तर शोध कार्य होते रहे है जो हमारी संस्कृति को उपकृत करते है । इसी प्राञ्च धारा को नवीन धारा से जोड़ते हुए विश्वगुरुदीप आश्रम शोध संस्थान श्याम नगर सोड़ाला जयपुर में स्थित है ।

1 जुलाई 2022 से राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन, नई दिल्ली ने विश्वगुरु दीप आश्रम शोध केंद्र को पांडुलिपि संसाधन केंद्र के रूप में नामित किया।

यह शोध संस्थान योग इन डेली लाइफ फाउण्डेशन द्वारा संचालित व जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजास्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर एवं राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर द्वारा मान्यता प्राप्त है । यहाँ पाँच पीठों की स्थापना करके परमहंस स्वामी महेश्वरानन्दगिरी जी ने प्राञ्च ज्ञान को नवीन अनुसंधान दिशा प्रदान की है ।

विश्व दीप दिव्य संदेश मासिक पत्रिका

गतिविधियां

02 जून 2024

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